20वीं सदी का उत्सव है ईलियट का नैराश्य और शोक

मेरे प्रिय कवियों में लगभग सभी हिंदुस्तानी और उसमें भी हिंदी के कवि ज्यादा हैं। अंग्रेजी साहित्य का मैं बहुत अच्छा विद्यार्थी नहीं हूं, इसके बावजूद मैं ईलियट के पास … Read More

​कविता नहीं

सचिन श्रीवास्तव जब अपराधी बेलगाम हैंऔर सत्ताएं खुद को अक्षुण्य बनाए रखने के लिए रच रही हैं नित नए प्रपंचनायकों ने खुद को शामिल कर लिया दरबारियों मेंकवि, कलमकार, संस्कृतिकर्मी, … Read More

संस्कृति विभाग का ​कल्चर: महज 12 संस्थाओं के खाते में गया 60 प्रतिशत से ज्यादा अनुदान

मध्य प्रदेश की साहित्य संस्कृति-1 – चंद संस्थाओं और व्यक्तियों के बीच कैसे सिमट गया भोपाल और प्रदेश का साहित्यिक-सांस्कृतिक माहौल – संस्कृति निर्माण की कोशिश के अनुदान से हो … Read More

वामपंथियों को नहीं सुहा रहा भोपाल के चौबारे में लटकता नोबेल, क्यों?

भोपाल के आयोजन पर अब तक जो पढ़ा भूल जाइये। इस आयोजन के हासिल की असली कहानी, अपनी जुबानी सचिन श्रीवास्तवआयोजन बड़ा है— इसमें कोई दो राय नहीं। आयोजन भव्य … Read More

।। सभी किस्म की सत्ताओं के नाम ।।

(शमशेर बहादुर सिंह को पढ़ते हुए)सचिन श्रीवास्तवएक आवाज। एक विरोध। बौना सा, अदना सा। मुट्ठी भर आंखें उनकी। हांफते हुए प्रतिरोध की तख्ती उठाए हैं। कुछ देर बाद खांसने लगेंगे। … Read More

दस्तक संवाद : सोशल मीडिया आभासी दुनिया का एक वास्तविक चेहरा

नवनीत पांडे “अगर फेसबुक का सबसे अच्छा और सार्थक इस्तेमाल अरुण देव समालोचन के जरिये कर रहे हैं तो व्हाट्सअप्प का बढ़िया इस्तेमाल भोपाल के अनिल करमेले अमिताभ मिश्र अंजू … Read More

30 बरस पहले लिखी गई थी आम आदमी पार्टी के लिए पहली गजल

सचिन श्रीवास्तववैसे तो आम आदमी पार्टी को बने हुए अभी महज 5 साल ही हुए हैं, लेकिन तथ्य बताते हैं कि आम आदमी पार्टी का पहला जिक्र साहित्य में करीब … Read More

जन्मदिन पर विशेष: इलियट की कविताओं के बिंब हर बार नए रूप में आते हैं सामने: अर्चना प्रसाद

टी. एस. एलियट: 26 सितंबर 1888 को जन्म। 1948 में नोबल  (साहित्य) मिला। 20वीं सदी के महान कवि। 26 साल की उम्र  में अपनी मातृभूमि अमरीका छोड़ दी। इंग्लैंड में बसे। 1927 … Read More

निडरता की ओर छोटी-सी यात्रा

11 लेखकों ने की कर्नाटक और महाराष्ट्र के शहीद लेखकों के गृह नगर की यात्रा 08 दिन में 3 राज्यों के लेखकों, संस्कृतिकर्मियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं से मिला प्रगतिशील लेखक संघ … Read More

समझ और सरोकार कविता का हासिल

भोपाल में प्रलेसं के दो दिवसीय कविता शिविर में तमाम प्रतिभागियों ने न केवल अपनी कविता को मांजना सीखा बल्कि कविता और वैचारिकी के रिश्ते को उन्होंने बारीकी से समझा। संदीप … Read More