Baxwaha: संसाधन की लूट और विरोध के बीच पिसता ग्रामीण समाज अर्थात हीरा देखने नहीं मिलेगा, बच्चों की भूख और सपने हमें दिखते हैं

बक्सवाहा (Baxwaha) में हीरा खनन की सरकारी कोशिशों और नागरिकों के विरोध पर तदर्थ कमेटी की रिपोर्ट (मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में बक्सवाहा का नाम इन दिनों सरकार, कारपोरेट, … Read More

A Jayjeet: बड़े वकीलों की ‘दिल्लगी’ में सामने आए कुछ गंभीर सवाल

(वरिष्ठ पत्रकार और व्यंग्यकार ए. जयजीत (A Jayjeet) सुप्रीम कोर्ट के वकीलों की एक ताजा चर्चा के बहाने चुटकी ले रहे हैं हमारी न्याय व्यवस्था पर। संविधान लाइव पर जयजीत … Read More

Podcast- Episode 2: किसान आंदोलन के 6 माह और इसके मायने

Samvidhan Live Podcast Sorry, your browser doesn’t support HTML5 audio. Please download. Podcast- Episode 2: आज पॉडकास्ट की इस नई कड़ी में ऐतिहासिक किसान आंदोलन पर विभिन्न साथियों की राय। … Read More

May Day: मुसीबतों के बोझ तले दबा श्रमिक कैसे मनाता मई दिवस

– एल. एस. हरदेनिया आज मई दिवस (May Day) है. श्रमजीवियों के अधिकारों का दिवस. इस दिन दुनिया के सबसे बड़े पूंजीवादी देश के मजदूरों ने यह महसूस किया था कि … Read More

Environment: मेघालय के पर्यावरण को कोयला खनन से खतरा

(Environment: उत्तर-पूर्व का राज्य मेघालय एक जमाने में अपनी खूबसूरती और भारी वर्षा के कारण विख्यात था, लेकिन अब, दुनिया के ऐसे ही दूसरे इलाकों की तरह, खनन, जल-विद्युत परियोजनाओं … Read More

Attack on Newsclick: पत्रकारिता और लोकतंत्र के लिए जरूरी है न्यूज़क्लिक पर हमले का विरोध

-नंदिता हक्सर मैं पत्रकारों पर हमले, कार्यकर्ताओं और लेखकों की गिरफ़्तारी (Attack on Newsclick) के बारे में पढ़ती रही हूँ और देख रही हूँ कि असहमति के सभी लोकतांत्रिक जगहों … Read More

Farmers Protest: 1956-57 और 1965 में आंदोलनों के समक्ष झुकी थी केंद्र सरकार

एल. एस. हरदेनिया भोपाल। आजादी के बाद दो महाआंदोलन हुए जिनके सामने तत्कालीन केंद्रीय सरकारों को झुकना पड़ा। इनमें से पहला आंदोलन 1956-57 में हुआ था और दूसरा 1965 में। पहले आंदोलन का संबंध … Read More

उम्मीद एक बड़ी चीज है, बदलाव आएगा कोशिशें जारी हैं: श्रावणी सरकार

पत्रकारिता में ग्राउंड रिपोर्टिंग करने वाली महिलाएं आज भी बेहद कम हैं। 3 दशक पहले तो हालात और भी ज्यादा एकतरफा होते हुए पुरुषों के पक्ष में झुके हुए थे। … Read More

पाती : बिछुड़ चुके दोस्त के नाम

वे जिन्होंने दोस्त बनाए हैं, और दोस्तियों को जीया है, जानते हैं एक मुकम्मल दोस्ती के अंत के बाद भी अंतहीन विस्तार में दोस्त की हरकतें नमक की तरह सांस … Read More