National Employment Policy: राष्ट्रीय रोजगार नीति की मांग के समर्थन में एकजुट हो रहे सैकड़ों संगठन

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    8 मई को भोपाल के गांधी भवन में रोजगार संसद का आयोजन
    संयुक्त रोजगार आंदोलन समिति (SRAS) के बैनर तले आंदोलन की तैयारी
    130 संगठनों के 400 से अधिक प्रतिनिधि बनाएंगे आंदोलन की रणनीति

भोपाल। देश भर में जब युवाओं को मुद्दों से भटकाने की राजनीति उफान पर है और सोशल मीडिया पर हर किस्म की सुविधाओं के साथ उलझाने की तैयारी तेज है, ऐसे में राजधानी भोपाल में करीब 130 संगठनों के 400 से अधिक युवा राष्ट्रीय रोजगार नीति (National Employment Policy) के लिए आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। 8 मई को संयुक्त रोजगार आंदोलन समिति (SRAS) के बैनर तले यह युवा रोजगार संसद का आयोजन कर रहे हैं। इसके बाद अगस्त के महीने में देश की राजधानी दिल्ली में प्रदर्शन और आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जा रही है। यह जानकारी SRAS के राष्ट्रीय समन्वयक वैभव यादव ने आज एक प्रेस कान्फ्रेंस में दी।

उन्होंने बताया कि संयुक्त रोजगार आंदोलन समिति (SRAS) द्वारा मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में रोजगार संसद का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन 8 मई को भोपाल के श्यामला हिल्स क्षेत्र में स्थित गांधी भवन में संपन्न होगा।

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इस आयोजन की विस्तार से जानकारी देते हुए वैभव यादव ने बताया कि बेरोजगारी की समस्या के समाधान के लिए भारत में जो व्यापक प्रभाव वाली राष्ट्रीय रोजगार नीति बनना थी, वह सरकारों द्वारा नहीं बनाई गई। यही कारण रहा कि आजादी को 70 साल से अधिक का समय हो गया, लेकिन देश अभी भी राष्ट्रीय रोजगार नीति से अछूता बना हुआ है। उस पर कोविड-19 से उपजे हालातों ने देश की अर्थव्यवस्था को चिंताजनक स्थिति में पहुंचा दिया है। इस दौरान अनेक उद्योग, रोजगार बंद हुए तथा करोड़ों लोग आर्थिक बर्बादी की चपेट में आ गए।

फल स्वरूप क्या शहर और क्या गांव, सभी जगहों पर बेरोजगारी का दंश युवाओं को परेशान कर रहा है। इन सभी समस्याओं पर विचार करने के लिए ही रोजगार संसद के रूप में एक आंदोलन खड़ा करने का प्रयास SRAS द्वारा किया जा रहा है। बता दें कि इस आंदोलन में 130 से अधिक संगठनों के लगभग 500 प्रतिनिधियों द्वारा भाग लिए जाने की संभावना है।

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इनमें छात्र, युवा, शिक्षक, महिला, पत्रकार, दलित, आदिवासी संगठनों के अलावा ट्रेड यूनियन, किसान यूनियन, और अनेक गैर सरकारी संस्थाएं तथा उनके प्रतिनिधि शामिल होने जा रहे हैं।

प्रेस वार्ता में “संयुक्त रोजगार आंदोलन समिति” के सेंट्रल कोऑर्डिनेटर वैभव यादव ने प्रदेश के क्रांतिकारी युवा साथियों कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है। उनका कहना है कि इस संसद एवं अगस्त आंदोलन की रूपरेखा तो 23 और 24 मार्च को दिल्ली के शाह ऑडिटोरियम में ही बन गई थी। अब इस पर अमल करने का समय आ गया है। इस कार्यक्रम के माध्यम से हम विभिन्न प्रदेशों और केंद्र की सरकारों को एक व्यापक प्रभाव वाली राष्ट्रीय रोजगार नीति बनवाने के लिए मजबूर कर पाएंगे। इससे देश के बेरोजगार युवाओं को व्यापक स्तर पर लाभ मिलने वाला है।

प्रेस वार्ता के दौरान SRAS के दाऊद हसन, युवा नेता गौरव जायसवाल, व्यापारिक संगठन से श्याम वर्मा, सर्व पत्रकार संघ से नारायण बंदिल, संदीप शाह, तारा फुलेकर आदि मौजूद रहे।