हिंदी का सोशल विस्तार : हिंदी बोलने को बेताव इंटरनेट वर्ल्ड


14 सितंबर 2016 को राजस्थान पत्रिका में प्रकाशित
सचिन श्रीवास्तव 
बीते सप्ताह फिल्म अभिनेत्री दीपिका पादुकोण ने अपनी आगामी हॉलीवुड रिलीज ट्रिपल एक्स के प्रमोशन के लिए सह अभिनेता विन डीजल के साथ इंटरनेट के जरिये प्रशंसकों से लाइव चैट की थी। इस चैट ज्यादा चर्चा इस बात के लिए हुई कि इसमें विन डीजल ने हिंदी में अपने भारतीय प्रशंसकों का इस्तकबाल किया। इससे पहले वर्चुअल वल्र्ड पर कई हस्तियां भारतीय जनता से दिली रिश्ता कायम करने के लिए हिंदी में बोलती रही हैं। यह उदाहरण बताते हैं कि दुनिया में हिंदी एक तेजी से बढ़ती भाषा है और इंटरनेट इसके प्रसार में बड़ी भूमिका अदा कर रहा है। जाहिर है कि इसके सांस्कृतिक कारण तो हैं ही, सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक कारण भी हैं।
इंटरनेट पर बदलती हिंदी
भाषाएं एक-दूसरे से मिलकर खुद को संवारती हैं, यह बात इंटरनेट की हिंदी ने एक बार फिर साबित कर दी है। इंटरनेट पर इस्तेमाल हो रही हिंदी आम बोलचाल की हिंदी से जुदा है। यहां अंग्रेजी से लेकर स्पेनिश और बंगाली से लेकर पंजाबी तक का छौंक हिंदी के दायरे को बढ़ा रहा है। 
47 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से बढ़ रहे हैं इंटरनेट पर हिंदी भाषी यूजर्स। अंग्रेजी की ग्रोथ 14 प्रतिशत प्रति वर्ष है। 50 प्रतिशत हैं हिंदी इंटरनेट यूजर्स की हिस्सेदारी वैश्विक गैर-अंग्रेजी यूजर्स में
1 लाख से ज्यादा पेज हैं हिंदी में विकीपीडिया पर
21 प्रतिशत भारतीय यूजर्स देवनागरी इस्तेमाल को देते हैं तरजीह 
12 प्रतिशत हैं यूट्यूब पर देवनागरी इस्तेमाल करने वाले यूजर्स
1 लाख से ज्यादा हिंदी ब्लॉग हैं इंटरनेट पर
20 प्रतिशत हिस्सेदारी है कुल फेसबुक यूजर्स में हिंदी की

मातृभाषा नहीं, फिर भी हैं हिंदी यूजर
सोशल मीडिया के पैर पसारने के बाद भाषा के तौर पर हिंदी का विस्तार महज उत्तर भारत तक सीमित नहीं रहा है। ऐसे लोग जिनकी मातृभाषा हिंदी नहीं है, वे भी सोशल मीडिया पर हिंदी का इस्तेमाल कर रहे हैं। ट्विटर के करीब एक साल पहले के सर्वे में यह बात सामने आई थी कि गैर-हिंदी भाषी अकाउंट से हिंदी में ट्वीट की दर अन्य किसी भी भाषा के मुकाबले सबसे ज्यादा है। 
सोशल हिंदी
फेसबुक: इस सबसे बड़े सोशल प्लेटफॉर्म पर हिंदी भाषी यूजर्स की संख्या तो तेजी से बढ़ ही रही है। गैर-हिंदी भाषी भी रोमन टाइप के जरिये अपनी बात हिंदी में कह रहे हैं। देवनागरी इस्तेमाल करने की दर भी 30 प्रतिशत की रफ्तार से बढ़ रही है।
यूट्यूब: हिंदी वीडियो अपलोडिंग में बीते दो साल में 40 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। एक अनुमान के मुताबिक, प्रतिदिन 12 करोड़ हिंदी वीडियो यूट्यूब पर देखे जाते हैं। 
ट्विटर: हिंदी भाषा में ट्वीट की संख्या फिलहाल 12 से 15 लाख है, लेकिन प्रतिदिन रोमन में होने वाले ट्वीट को इसमें जोड़ा जाए तो यह संख्या करोड़ों में हो जाती है। 
अन्य साइट: विभिन्न साइट्स पर हिंदी कमेंट की संख्या तेजी से बढ़ रही है। रेडिट, इंस्टाग्राम, पिन्टरेस्ट आदि साइट पर फिलहाल हिंदी यूजर्स ज्यादा नहीं है, लेकिन इनमें इजाफा हो रहा है। 
कैसी होगी अब हिंदी
विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले दिनों में हिंदी के शब्दों में ही नहीं व्याकरण में भी बदलाव होगा। हिंदी एक जिंदा भाषा है और वह अन्य भाषाओं के संपर्क से अपने स्वरूप को लगातार बदलती रही है। इंटरनेट इस पर तेजी से असर डाल रहा है और आने वाले 10 सालों में आज हम जो हिंदी बोलते हैं, उससे बिल्कुल भिन्न हिंदी में बातचीत करेंगे। इसमें दुनिया की तमाम भाषाओं के शब्द आसानी से मिलेंगे।

कॉमेडी मंचों पर छा रही है हिंदी
स्टैंडअप कॉमेडी में हिंदी का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है और इसकी बड़ी वजह है पंच और लोगों से जुडऩे में असानी। हिंदी भाषी शहरों में कई विदेशी और मूल रूप से अंग्रेजी के कॉमेडियन भी हिंदी इस्तेमाल करते हैं। इंटरनेट ने भाषा की सीमाएं तोड़ दी हैं। एक बड़ा वर्ग है जो हिंदी और अंग्रेजी दोनों में सहज है, और अंग्रेजी में अपनी बात कहने के साथ अगर आप हिंदी का भी इस्तेमाल करते हैं तो आपकी पहुंच का दायरा बहुत बड़ा हो जाता है। निजी तौर मेरा मानना है कि हिंदी का दायरा अभी और बढ़ेगा। दुनिया के हर देश में हिंदुस्तानी पहुंच रहे हैं। इससे हमारी भाषाएं भी पहुंच रही हैं, और सबसे ज्यादा हिंदी।
-सौरभ पंत, कॉमेडियन

गैर हिंदी भाषियों से उम्मीद
हिंदी भारत में अंग्रेजी से कहीं ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है। फिर भी अंग्रेजी के सामने इसकी हालत दोयम दर्जे की है। आमतौर पर हिंदी भाषी को हेय दृष्टि से देखा जाता है। गैर हिंदी भाषियों के मुकाबले हिंदी जानने वाले इस भाषा के विकास में ज्यादा बड़ा रोड़ा हैं। कई बार देखा गया है कि हिंदी को माध्यम बना कर बुलंदी पर पहुंचे लोग, कई दफा निजी बातचीत में भी हिंदी बोलने से कतराते हैं।
-सुजीत सिंह, निदेशक, समेध आईएएस

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