जनता मूर्ख है, सरकार की कोई जवाबदेही नहीं!

जब सरकार की ओर से घोषणा कर दी गई थी कि सुबह शाम दोनों समय “रामायण” दिखाई जाएगी
तो ये “नालायक जनता” घर से निकली ही क्यों? अब इन 50 हजार से ज्यादा लोगों में से कोई एक भी कोरोना संक्रमित हुआ तो बाकी सबको होगा और एक बार देश के गांवों में ये बीमारी पहुंच गई तो कोई इस महामारी से बच नहीं पायेगा।

सारी गलती जनता की है। सरकारों का कोई दोष नहीं है। योगी सरकार का कोई दोष नहीं है जिसने ये वादा किया कि दिल्ली से निकलने के लिए बसों का इंतजाम किया गया है। बिल्कुल बसें थीं लेकिन महज 100। और लोग हजारों की तादाद में खबर सुनते ही दिल्ली के आनंद विहार बस अड्डे की तरफ चल पड़े। ये भूखे प्यासे, बिना पैसे के ही चल दिये। इनको अपने घर जाने की जल्दी थी। न केंद्र सरकार की कोई गलती है न केजरीवाल सरकार की। बस जनता ही अपनी दुश्मन है।

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मोदी जी ने कहा था कि अपने घरों में रहें लेकिन जो लोग अपने घरों से सैकड़ों किलोमीटर दूर थे वो क्या करें? सरकार ने यह नहीं बताया।

सरकार ने यह भी नहीं बताया कि लोग खाएं क्या घरों में। सिर्फ रामायण देखने से काम नहीं चलता। अच्छा सीरियल है, लेकिन ये वक़्त मनोरंजन का नहीं है सरकार।

अब जबकि यह तय हो चुका है कि इस आपदा से हजारों लोगों की मौत निश्चित है। तो यह भी याद रखा जाएगा कि सरकार ने इस वक़्त माकूल इंतज़ाम के बिना देश वासियों को मरने के लिए छोड़ दिया था।