कब किया जाता है धारा 144 का प्रयोग?

कब किया जाता है धारा 144 का प्रयोग?

आजकल आए दिन किसी शहर, किसी इलाके में धारा 144 लगाने की बात सामने आती है। कोरोना के इस दौर में धारा 144 का प्रयोग और ज्यादा बढ़ गया है। आइये जानते हैं कि क्या है धारा 144 और इसे कब प्रयोग में लाया जाता है।

इस धारा को लागू करने के लिए जिला मजिस्ट्रेट एक नोटिफिकेशन जारी करता है। जिस भी जगह या धारा लगाई जाती है वहां 4 से ज्यादा लोग इकट्ठे नहीं हो सकते। इसके लगाने के जो हालात हैं, वो इस प्रकार हैं कि
1. अगर मानव जीवन के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर संकट है।
2. अशांति, दंगा या उत्पीड़न की आशंका है।
3. किसी भी व्यक्ति को कानूनी रूप से नियोजित करने में बाधा हो।

इस धारा के क्षेत्र के अंतर्गत प्रदर्शन और जुलूस या विरोध प्रदर्शन या किसी भी प्रकार की सभा नहीं कर की जा सकती है।

धारा 144 से जुड़ी हुई धारा 188 है। इन दिनों धारा 188 से संबंधित खबरें भी व्यापक तौर पर चर्चा में हैं। ऐसे में जानते हैं इस धारा से जुड़ी कुछ जरूरी बातें।

क्या कहती है धारा 188
188 धारा के अंतर्गत लोक सेवक की अवज्ञा करने वाले व्यक्ति को दंडित करने का प्रावधान है। लोक सेवक यानी सरकारी कर्मचारी उसकी अवज्ञा यानी सरकारी कर्मचारी की किसी बात को न मानना। अगर ऐसी अवज्ञा मानव जीवन, स्वास्थ्य, सुरक्षा को संकट में डाले या उस तरह कार्य करने की प्रवृति रखता हो, तभी इस धारा के अंतर्गत दंड का प्रावधान है।

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इसे संक्षेप में कहा जाए तो हम ऐसा कह सकते हैं एक लोक सेवक द्वारा एक धारा 144 को लागू करने करने का आदेश दिया जाता है और उन आदेशों की अवज्ञा करने पर 188 के अंतर्गत मामला बनेगा।

धारा 188 के अंतर्गत सजा
ऐसी अवज्ञा जो विधि पूर्वक नियोजित किन्ही व्यक्तियों यानी सरकारी कर्मचारियों की बाधा या जोखिम का कार्य करें या कार्य करने की प्रवृति रखता हो उसे सादा कारावास जिसकी अवधि 1 माह तक की हो सकेगी या जुर्माने से जो ₹200 तक का हो सकेगा या दोनों से दंडित किया जाएगा।

यदि ऐसी अवज्ञा मानव जीवन स्वास्थ्य को संकट कारित करें या कार्य करने की प्रवृति रखता हो या बलवा या दंगा करें या प्रवृत्ति रखता हो तो दोनों में से किसी भांति की कारावास जिसकी अवधि 6 माह या जुर्माने से जो ₹1000 तक का हो सकेगा या दोनों से दंडित किया जाएगा।

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धारा 144 लेकिन प्रभावी नहीं

इन दिनों धारा 144 देश के अलग अलग हिस्सों में लगी हुई है। कोरोना के बाद व्यापक स्तर पर जिलों में 144 धारा लगाई गई, लेकिन जमीन पर यह प्रभावी नहीं है।

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इस बारे में ग्राम पंचायत आमला में समस्पुरा के हमारे वालेंटियर मनोहर जी ने फोन पर बताया कि गांव के हालात सामान्य हैं। कोरोना के बारे में चर्चा तो होती है, लेकिन इसके लिए जरूरी सावधानी नहीं बरती जा रही है। लोग मास्क आदि नहीं लगा रहे हैं। यहां कभी कभी पुलिस की गाड़ी आती है और चली जाती है।

ग्राम पंचायत सिकंदराबाद नई बस्ती मैं वालेंटियर आना पठान के पिता निजामुद्दीन ने फोन पर बताया कि यहां भी कोई लॉकडाउन जैसा माहौल नहीं है। यहां के लोग जब बाहर जाते हैं तब मास्क लगाते हैं। गांव घर में कोई भी व्यक्ति मास्क नहीं लगाता।

निजामुद्दीन जी ने बताया कि जो मजदूर और मिस्त्री भोपाल शहर में काम करने जाते थे, वह अब यहां गांव में काम ढूंढ रहे हैं। लेकिन उनके लिए यहां पर्याप्त काम नहीं है। किसी दिन लगता है और किसी दिन नहीं लगता। उन्होंने बताया कि वह खुद एक कुशल कारीगर हैं और उन्हें कुशल कारीगर होने के नाते उनकी तय और जरूरी मजदूरी नहीं मिलती।

Pradeep, Eka