लॉक डाउन में चाय पीना पड़ा भरी, एक रात गुजारी जेल में, जमानत पर रिहा, पर धारा का पता नहीं

लॉक डाउन में चाय पीना पड़ा भरी, एक रात गुजारी जेल में, जमानत पर रिहा, पर धारा का पता नहीं

भोपाल। ये खबर भोपाल के अशोक गार्डन की है। लॉक डाउन में करीब 10:30 बजे अशोक गार्डन की फेमस होटल खुली हुई थी। होटल को खुला देख वहां के लोग उस होटल में चाय पी रहे थे। ऐसे में हिनोतिया और नवीन नगर के कुछ लड़के दुकान को खुला देखकर चाय पीने के लिए अंदर चले गए। कुछ देर बाद वहां पुलिस का छापा पड़ा और पुलिस ने होटल मालिक सहित 10 युवकों को पकड़ लिया। इन्हें अशोका गार्डन थाने लेकर चले गए।

परिजनों को जब ये पता चला तो वो थाने पहुंचे। परिजनों ने पुलिस से इस विषय में बात की तो पुलिसकर्मी बुरी तरह से चिल्लाकर बोले – अब इन लड़कों को जेल भेजा जाएगा। उसके बाद ही कोई सुनवाई होगी। परिजनों ने पुलिस से बहुत बात करने की कोशिश की पर उनकी एक ना सुनी गई।

ऐसे में परिजन बहुत परेशान हुए और कोई रास्ता नहीं निकाल पाए। लड़कों को पूरी रात थाने में लॉकअप के अंदर रखा। दूसरे दिन 2 बजे उनको अदालत में पेश किया और उनसब का जेल वॉरेंट निकाल दिया। 8 लोगो को रात में जेल में ही रखा गया।
उसके बाद उनको 24 घण्टे जेल में ही रखा था।

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दूसरे दिन परिजनों ने वकील करके
उनकी जमानत करवाली। अभी अदालत ने उनको जमानत देकर छोड़ा। अभी ज़मानत तो मिली है, पर उनकी पेशी की तारीख मिली है। 20 अप्रेल को पहली पेशी होगी।

परिजनों से जब बात की तो उनका कहना था कि दुकान देखकर सिर्फ चाय पीने गए थे और किसी ने होटल की वीडियो बनाकर मुखबरी कर दी और पुलिस लेकर चली गई थी।

उनका कहना था कि पुलिस ने धारा में फेर बदल की है। धारा 188 में थाने से ही जमानत मिल जाती थी, पर अब 188 धारा में कोर्ट से जमानत दी गई है।
परिजन अभी तक कुछ समझ नही पाए हैं कि किस लिए उनको अरेस्ट किया और लॉकअप और जेल में रखा गया।

गिरफ्तार किए गए और जमानत पर रिहा युवक से बात की तो उसने पूरा घटना क्रम बताया कि दुकान पहले से सील थी पर ये बात उनको नहीं पता थी। वो दुकान के अंदर चले गए। उसके बाद किसी ने मुखबरी करदी और ये पता भी नहीं चला कि कौन था। वो 10 लोगों को थाने लेकर गए।
और covid की जांच हुई। उसमें से दो को covid निकला तो उनको कोरेंटाइन कर दिया।

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उसके बाद कुछ समझ नहीं आया कि पुलिस करना क्या चाहती है। युवक को अभी तक नहीं पता कि कौन सी धारा लगी है।

जब उससे इस घटना के बारे में बात की थी तो वो बहुत घबरा गया था कि फिर कुछ न हो जाए।

जनता की कमाई सत्ता की जेब में

वही एक ठेले वाले ने पुलिस की हकीकत को बताते हुए कहा कि लॉक डाउन होने के बाद उन्होंने अपना माल बेचा और माल खत्म किया। वही पुलिस ने उनसे 700 रुपए लिए। जब ठेले वाले ने बोला कि पहले तो 500 था पर अब 700 क्यों ले रहे हैं तो पुलिस का कहना था कि महंगाई बढ़ गई है 700 रुपए ही देना होंगे।

ये कैसा लॉक डाउन हैं जिसमें जनता का कमाया हुआ पैसा ,सत्ता की जेब में जा रहा है।

Nighat Khan, Eka