वसीम अख्तर: जेल से संचालित होगी कराची शहर की व्यवस्था

25 अगस्त 2016 को राजस्थान पत्रिका में प्रकाशित

सचिन श्रीवास्तव

वसीम अख्तर
जन्म:
25 नवंबर 1955
पिता अख्तर मुहम्मद खान सांसद हैं। रियल एस्टेट कारोबारी वसीम अख्तर टेलीकम्यूनिकेशन इंजीनियर हैं। उनके छह बच्चे हैं।
यह पूरी तरह तय हो चुका है कि पाकिस्तान के सबसे बड़े और अमीर शहर कराची की व्यवस्था अब जेल से चलाई जाएगी। हालिया मेयर चुनाव में अपराजेय बढ़त हासिल कर चुकी मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट के मेयर पद के प्रत्याशी वसीम अख्तर इन दिनों जेल में हैं।
एमक्यूएम के मेयर पद के प्रत्याशी वसीम अख्तर को 19 जुलाई को कथित आतंकवादियों की सहायता करने के संदेह में गिरफ्तार किया गया था। एटीसी अदालत का मानना है कि वसीम अख्तर ने कथित आतंकवादियों को एक अस्पताल में मेडिकल सहायता उपलब्ध कराई थी।

बीते साल भी जीते थे चुनाव
बीते साल दिसंबर में हुए चुनाव में भी मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट ने जीत हासिल की थी। 15 दिसंबर 2015 को वसीम को एमक्यूएम ने कराची का मेयर चुना था, लेकिन अख्तर की जीत को कानूनी चुनौती मिलने के कारण वे शपथ नहीं ले सके थे। तब से एमक्यूएम का परिषद पर कब्जा है। अब उनका चुनाव फिर से हुआ है। बुधवार को वसीम ने कराची मेट्रोपोलिटन कॉर्पोरेशन की बिट्रिश कालीन इमारत में पहुुंचकर अंतिम दौर के मतदान में हिस्सेदारी की और अपना वोट डाला।

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चुनाव है महज खानापूर्ति
2 करोड़ की आबादी वाले कराची शहर में अख्तर का चुनाव महज एक औपचारिकता है। पाकिस्तान की वाणिज्यक राजधानी की सत्ता पर कब्जे की लड़ाई के चलते ऐसा हुआ है। दिसंबर में उनके चुनाव को अवैध करार दिया गया था।

कराची में धर्मनिरपेक्ष एमक्यूएम की पकड़
अख्तर के नेतृत्व में एमक्यूएम बीते कई दशकों से कराची की राजनीति और वित्त व्यवस्था पर मजबूत पकड़ रखती है। हालांकि 2013 के बाद से पार्टी की पकड़ कुछ ढीली हुई है।

फिलहाल विवादों में एमक्यूएम
मंगलवार को पुलिस ने एमक्यूएम के तेजतर्रार नेता अल्ताफ हुसैन के खिलाफ एक मामला दर्ज किया है। पिछले दिनों अख्तर के समर्थकों ने एक टीवी चैनल के दफ्तर पर हमला किया था। इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी।

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शपथ ग्रहण पर संशय
वसीम अख्तर को 30 अगस्त को शपथ ग्रहण करनी है। लेकिन अदालत उन्हें रिहा करने के पक्ष में नहीं है। ऐसे में शहर की परिषद तकनीकी रूप से अख्तर के अख्तियार में नहीं होगी। एमक्यूएम के अधिकारियों ने कहा है कि वे जेल अधिकारियों से कहेंगे कि उन्हें बेहतर ऑफिस उपलब्ध कराया जाए। जेल के बाहर किसी मीटिंग में हिस्सेदारी करने पर पुलिस अख्तर को अपनी निगरानी में लाएगी और ले जाएगी।

वसीम अख्तर जेल में एक ऑफिस खोलेंगे और वीडियो लिंग के जरिये परिषद की बैठकों में हिस्सेदारी करेंगे।महफूज यार खान, अख्तर के वकील