तुराखिया ब्रदर्स की ग्रोथ: 6 साल पहले शुरू किया स्टार्टअप, 60 अरब रुपए में बेचा

24 अगस्त 2016 को राजस्थान पत्रिका में प्रकाशित
सचिन श्रीवास्तव
दिव्यांक (34 साल) और भाविन (36 साल) तुरखिया
दो दिन पहले : 2500 करोड़ रुपए की निजी संपत्ति
अब : 8500 करोड़ रुपए के मालिक
मीडिया-ऐड की सबसे बड़ी डील 
750 मिलियन डॉलर में ऐडमोब का अधिग्रहण किया था गूगल ने
350 मिलियन डॉलर में मोपब को खरीदा था और ट्विटर ने
1.4 अरब डॉलर का कारोबार संभालते हैं दिव्यांक 
23 करोड़ डॉलर का लाभ कमाया था बीते साल दोनों भाइयों ने
34 साल के दिव्यांक और उनके बड़े भाई भाविन (36) मुंबई के जुहू और अंधेरी इलाके में पले-बढ़े हैं। इन दोनों भाइयों ने टेक स्टार्टअप के इतिहास में एक नया अध्याय लिख दिया है। उन्होंने अपना एडवर्टाइजिंग टेक्नोलॉजी स्टार्टअप मीडिया डॉट नेट एक चीनी कंपनी को करीब 60 अरब रुपए में बेचा है। यह डील गूगल-ऐडमोब और ट्विटर-मोपब की डील से भी बड़ी है। छह साल पहले दिव्यांक और भाविन ने अपने सपनों को पंख देने के लिए मीडिया डॉट नेट की स्थापना की थी। दुबई और न्यूयॉर्क से संचालित होने वाले इस स्टार्टअप को 900 मिलियन डॉलर बेचकर दोनों भाई सोमवार को अरबपति हो गए हैं। 
मुश्किल वक्त में बड़ी डील
पूरी दुनिया में फिलहाल ज्यादातर एड टेक कंपनियां मुश्किल में हैं। मीडिया डॉट नेट की प्रतिद्वंद्वी इनमोबी के हालात भी खराब हैं। इनमोबी को हाल ही में जापान के सॉफ्टबैंक से मदद मिली है। ऐसे में दिव्यांक और भाविन की यह बड़ी डील चौंकाने वाली है। 
करते रहेंगे कंपनी में काम
मीडिया डॉट नेट का संचालन कर रहे दिव्यांक पद पर बने रहेंगे। वहीं भाविन मुंबई स्थित कंपनी डायरेक्टी संभालेंगे। यह वेब कम्यूनिकेशंस और पेमेंट्स स्पेस के चार स्टार्टअप का संचालन करती हैं। 

पहले भी कर चुके हैं ऐसी डील
दिव्यांक और भाविन टेक जाइंट की डील के माहिर माने जाते हैं। दोनों भाइयों ने साल 2014 में बिगरॉक, लॉजिकबॉक्सेस और रेसलर क्लब जैसे डायरेक्टी डोमेन रजिस्ट्रेशन बिजनसों को नैसडैक में लिस्टेड इंड्यूरंस इंटरनैशनल ग्रुप को 160 मिलियन डॉलर में बेचा था।
याहू, माइक्रोसॉफ्ट की तकनीकी रीढ़ है मीडिया डॉट नेट
मीडिया डॉट नेट याहू और माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियों की ओर से आपकी कंप्यूटर स्क्रीन पर आने वाले विज्ञापनों का तकनीकी पक्ष देखती है। पिछले साल इसका रेवेन्यू 230 मिलियन डॉलर था।
कॉलेज के दिनों में बिजनेस की शुरुआत
दिव्यांक और भवीन की शुरुआती पढ़ाई बांद्रा के एक सरकारी स्कूल में हुई। 1990 की शुरुआत में उन्होंने भारतीय कंपनियों को बेवसाइट बनाकर और इंटरनेट सर्विस देने का काम शुरू किया। दोनों के पास इंजीनियरिंग की डिग्री नहीं है। दिव्यांक ने आगे की पढ़ाई नर्सी मोंजी से की। उन्होंने बीकॉम के लिए रजिस्ट्रेशन कराया, लेकिन कॉलेज नहीं जाते थे। इसी दौरान दिव्यांक-भाविन ने एक वेबहोस्टिंग बिजनेस शुरू किया। आगे चलकर उन्हें अमरीका, चीन और ब्राजील सहित दुनिया के कई देशों से ग्राहक मिले। 2014 में उन्होंने अपना बिजनस एंड्योरेंस ग्रुप को बेच दिया। इसके बाद भी उनके पास इंटरनेट एडवर्टाइजिंग बिजनेस और .press, .website, और .space जैसे टॉप लेवल डोमेन रहे।
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