Violence Against Women

Violence Against Women: दुनिया भर में हिंसा के भंवर में फंसी हैं महिलाएं

तमाम देशों में महिलाओं से हिंसा (Violence Against Women) है संस्कृति का हिस्सा

विश्व स्वास्थ्य संगठन के ताजा शोध के मुताबिक दुनिया भर में हर तीसरी महिला ने शारीरिक या यौन हिंसा का सामना किया है। संगठन ने महिलाओं पर अब तक का सबसे बड़ा शोध किया है।

महिलाओं के खिलाफ हिंसा (Violence Against Women) पर सबसे बड़ा शोध
विश्व स्वास्थ्य संगठन और उसके साझेदारों ने एक नए शोध में पाया है कि विश्व में तीन में से एक महिला को अपने जीवनकाल में शारीरिक या यौन हिंसा का सामना करना पड़ा है। संगठन का कहना है कि यह शोध महिलाओं के खिलाफ हिंसा पर सबसे बड़ा अध्ययन है।

अपनों द्वारा हिंसा
इस शोध के मुताबिक हिंसा की शुरुआत कम उम्र में ही हो जाती है। 15 से 24 वर्ष आयु वर्ग में, हर चार में से एक महिला को अपने अंतरंग साथी के हाथों हिंसा का अनुभव करना पड़ा है।

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हर देश और संस्कृति में हिंसा
डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक तेद्रोस अधनोम गेब्रयेसुस के मुताबिक महिलाओं के खिलाफ हिंसा हर देश और संस्कृति में है, जो लाखों महिलाओं और उनके परिवारों को नुकसान पहुंचाती है। कोविड-19 महामारी के दौर में स्थिति ज्यादा बिगड़ी है।

शारीरिक और यौन हिंसा
करीब 31 फीसदी, 15-49 वर्ष आयु वर्ग में या 85 करोड़ से अधिक महिलाओं ने शारीरिक या यौन हिंसा का अनुभव किया। इस अध्ययन के लिए साल 2000 से 2018 तक इकट्ठा किए गए आंकड़ों का इस्तेमाल किया गया।

पति या साथी आम अपराधी
साथी या पति द्वारा हिंसा के मामले को सबसे सामान्य बताया गया है। गरीब देशों की महिलाओं के साथ इस तरह की हिंसा सबसे अधिक होती है। यौन अपराध से जुड़े मामले कई बार रिपोर्ट नहीं किए जाते और असली आंकड़े अधिक हो सकते हैं।

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गरीब देशों का हाल
गरीब देशों में 37 प्रतिशत महिलाओं ने अपने जीवन में साथी द्वारा शारीरिक या यौन हिंसा का अनुभव किया। कुछ देशों में तो यह आंकड़ा 50 प्रतिशत तक है। वहीं यूरोप की बात की जाए तो वहां यह दर 23 प्रतिशत है।

कम उम्र से ही हिंसा
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक हिंसा की शुरुआत खतरनाक रूप से कम उम्र में ही हो जाती है। 15 से 19 वर्ष आयु वर्ग की युवतियां जो किसी रिश्ते में थीं, उनमें चार में से एक ने अपने साथी द्वारा शारीरिक या यौन हिंसा का सामना किया।