Hit and Run Protest

Hit and Run Protest: ट्रक ड्राइवरों की हड़ताल से 12 राज्य सबसे ज्यादा प्रभावित

पेट्रोल—डीजल, सब्जी, जरूरी चीजें और ट्रांसपोर्ट सेवाओं पर बड़ा असर.

हालात पर नहीं पाया जल्द काबू, तो बढ़ सकती है महंगाई

उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान समेत देश के अन्य राज्यों में क्या है हाल?
हाई कोर्ट ने क्या कहा, आगे क्या होगा, किन सेवाओं पर पड़ेगा ज्यादा?

नये साल के आगाज के साथ ही देश में ट्रकों के पहिये थम गए हैं। वजह हैं तीन नए कानून। केंद्र सरकार ने हाल ही में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम की जगह क्रमश: भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू किए हैं। भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 104 (2) कहती है कि हिट एंड रन की घटना के बाद अगर कोई आरोपी घटनास्थल से भाग जाता है और पुलिस या मजिस्ट्रेट को सूचित नहीं करता है, तो उसे 10 साल तक की सजा भुगतनी होगी और सात लाख रुपए का जुर्माना देना होगा।

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देश भर के ट्रक, लॉरी, डंपर ड्राइवरों में इसे लेकर गुस्सा है। असल में पहले हिट एंड रन मामले में आईपीसी की धारा 279 (लापरवाही से वाहन चलाना), 304A (लापरवाही के कारण मौत) और 338 (जान जोखिम में डालना) के तहत केस दर्ज किया जाता है। इसमें दो साल की सजा का प्रावधान है। विशेष केस में आईपीसी की धारा 302 भी जोड़ दी जाती थी। नए कानून में सजा तो बढ़ाई ही गई है। साथ ही साथ जुर्माने को भी बढ़ाकर सात लाख रुपए कर दिया गया है। इससे देश भर के ड्राइवर भड़के हुए हैं।

क्या कहना है ड्राइवरों का
भारत में 95 लाख से ज्यादा ट्रक हर साल 100 अरब किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय करते हैं। देश में 80 लाख से ज्यादा ट्रक ड्राइवर हैं, जो हर दिन जरूरत का सामान एक शहर से दूसरे शहर ट्रांसपोर्ट करते हैं। हड़ताल के कारण इतनी बढ़ी संख्या में ट्रकों के रुकने से जरूरी चीजों की किल्लत हो रही है। इस बारे में ड्राइवरों का कहना है कि
1. नए कानून में सजा को बहुत ज्यादा बढ़ाया गया है, यह ड्राइवरों के साथ अन्याय है।
2. हर बार गलती ट्रक ड्राइवर की ही नहीं होती है, दुर्घटना वाहन चालक और पीड़ित किसी की भी गलती से हो सकती है। परिस्थितियों के मुताबिक ही इसे देखा जा सकता है।
3. ट्रक ड्राइवरों का सबसे ज्यादा आक्रोश मौके से भागने को आपराधिक करने से है। उनका कहना है कि दुर्घटना के बाद कई बार ऐसे हालात बनते हैं कि भीड़ बेकाबू होती है, और इस समय जान बचाना सबसे जरूरी हो जाता है।
4. असल में पुलिस या मजिस्ट्रेट को जानकारी देने पर महज पांच साल की सजा का प्रावधान है, जबकि ऐसा न करने पर सजा 10 साल की होगी यह तय है। इस पर ड्राइवरों में आक्रोश है।

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सरकार का यह है तर्क
सरकारी अधिकारी और पुलिस अधिकारियों का कहना है कि एक वाहन चालक जो गलती से किसी व्यक्ति को टक्कर मार देता है और बाद में पुलिस को उस बारे में सूचित करता है या पीड़ित को नजदीकी अस्पताल ले जाता है, उस पर हाल ही में बनाए गए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के कड़े प्रावधान के तहत मुकदमा नहीं चलाया जाएगा। जो कोई भी लापरवाही से वाहन चलाकर किसी व्यक्ति की मौत का कारण बनता है, जो गैर इरादतन हत्या की श्रेणी में आता है, और घटना के तुरंत बाद किसी पुलिस अधिकारी या मजिस्ट्रेट को इसकी सूचना दिए बिना भाग जाता है, उसे दस वर्ष तक की अवधि के कारावास से दंडित किया जाएगा, और जुर्माना भी लगाया जाएगा। यदि वाहन चालक को डर है कि दुर्घटना स्थल पर रुकने पर उस पर हमला किया जाएगा, तो वह निकटतम पुलिस थाने जा सकता है या पुलिस या टोल फ्री आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 108 पर कॉल कर सकता है और दुर्घटना के बारे में सूचित कर सकता है।

देश भर में प्रदर्शनों का दौर जारी
मोटर चालकों से जुड़े ‘हिट-एंड-रन’ सड़क दुर्घटना मामलों के संबंध में नए दंड कानून में प्रावधान के खिलाफ ट्रक चालकों ने मंगलवार को लगातार दूसरे दिन देश के अलग-अलग राज्यों में विरोध- प्रदर्शन किया। इस मामले में देश के अलग-अलग राज्यों में विरोध प्रदर्शन जारी है और कानून की इस धारा को वापस लिए जाने की मांग की जा रही है। हालांकि इस विरोध प्रदर्शन से पेट्रोल—डीजल की किल्लत सामने आने लगी है। देश के कई इलाकों में पेट्रोल पंपों पर लम्बी कतारें नजर आने लगी हैं। हालांकि प्रशासन हरकत में आया है और तेल विपणन कंपनियों के डिपो से पेट्रोल पंपों तक टैंकरों का नियमित परिचालन बहाल करके ईंधन की पर्याप्त आपूर्ति बरकरार रखने के प्रयासों में जुटा है।

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आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं पर असर
ट्रक और अन्य ड्राइवरों की हड़ताल का सीधा असर बुनियादी सप्लाई और ट्रांसपोर्टेशन पर पड़ा है। डीजल—पेट्रोल की कमी के कारण पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें हैं, तो वहीं सब्जी और अन्य बुनियादी चीजों पर भी असर पड़ा है। जल्द इस बारे में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो सब्जी समेत अन्य आवश्यक सेवाओं के महंगा होने की आशंका है। हालात यह हैं कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने वाले लोग घंटों तक बस स्टॉप पर बसों का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन उन्हें कोई पब्लिक ट्रांसपोर्ट वाहन नहीं मिल रहा हैं। पेट्रोल-डीजल की सप्लाई भी बाधित होने के कारण कई पेट्रोल पंपों में ईंधन खत्म होने की बात सामने आ रही है, जिसके बाद पेट्रोल पंप और गैस स्टेशन पर ईंधन भरवाने वाले वाहनों की कतारें लग रही हैं।

पेट्रोल डीजल की राशनिंग
हड़ताल के कारण देश के कई ​इलाकों में पेट्रोल डीजल की राशनिंग होने लगी है। चंडीगढ़ में प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। यहां दो पहिया वाहनों को पेट्रोल-डीजल दो लीटर और चार पहिया वाहनों को पांच लीटर पेट्रोल ही दिया जाएगा। चंडीगढ़ प्रशासन का कहना है कि यह आदेश अस्‍थाई है। मौजूदा समय में आ रही दिक्‍कतों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। समस्‍या का समाधान होने के बाद फैसले को वापस ले लिया जाएगा।

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शाम 7 बजे केंद्र की बैठक
नए कानून को लेकर ट्रक ड्राइवरों की हड़ताल के मद्देनजर शाम 7 बजे से ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के साथ केंद्रीय गृह मंत्रालय की बैठक शुरू हुई है। इसके बाद यह उम्मीद की जा रही है कि देशभर में चल रहे प्रदर्शन थम जाएंगे।

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कहां क्या हैं हालात

महाराष्ट्र: ईंधन की कमी की आशंका, कई जगह प्रदर्शन हिंसक
प्रदर्शन की वजह से कुछ स्थानों पर ईंधन की कमी की आशंका पैदा हो गई। छत्रपति संभाजीनगर में कुछ पेट्रोल पंपों पर काम पहले ही बंद हो चुका है। सोलापुर, कोल्हापुर, नागपुर और गोंदिया जिलों में भी ‘रास्ता रोको’ प्रदर्शन किया गया, वहीं नवी मुंबई और अन्य स्थानों पर स्थिति नियंत्रण में है। महाराष्ट्र में कुछ जगहों पर आंदोलन हिंसक हो गया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने गुजरने वाले वाहनों पर पथराव किया और पुलिस के साथ झड़प की। नवी मुंबई के नेरुल में सुबह ट्रक चालकों के एक समूह ने एक पुलिसकर्मी पर हमला कर दिया, जिससे एक पुलिसकर्मी घायल हो गया। इसके बाद पुलिस को मुंबई-बेंगलुरु राजमार्ग पर जमा भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा।
ट्रक चालकों ने ठाणे जिले के मीरा भयंदर इलाके में मुंबई-अहमदाबाद राजमार्ग पर यातायात अवरुद्ध करने की कोशिश की और पुलिस कर्मियों पर पथराव किया, जिसमें एक पुलिसकर्मी घायल हो गया। पथराव में पुलिस का एक वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। वहीं, सोलापुर, कोल्हापुर, नागपुर और गोंदिया जिलों में भी सड़क नाकाबंदी विरोध प्रदर्शन किया गया। इस बीच उत्तरी महाराष्ट्र के नासिक जिले में टैंकर चालकों ने सोमवार को काम बंद कर दिया और ईंधन डिपो वाले पैनेवाडी गांव में 1 हजार से ज्यादा वाहन खड़े कर दिए। नागपुर में 300 से ज्यादा पेट्रोल-पंप हैं लेकिन ज्यादातर के बाहर लंबी कतारें लगीं हैं।

नंदगांव तालुका के पनेवाड़ी गांव में भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और इंडियन ऑयल के ईंधन डिपो और एलपीजी फिलिंग स्टेशन हैं, और इन डिपो से ईंधन राज्य के कई हिस्सों में पहुंचाया जाता है। मराठवाड़ा क्षेत्र के छत्रपति संभाजीनगर शहर में पेट्रोल पंप डीलरों के एक संघ ने कहा कि अगर स्थिति सामान्य नहीं हुई तो जिले में ईंधन पंप बंद हो सकते हैं।

छत्तीसगढ़: सामान की ढुलाई पर सबसे ज्यादा असर
कई हिस्सों में यात्री बसों के चालकों ने ‘हिट-एंड-रन’ मामलों से संबंधित नए कानून को वापस लेने की मांग को लेकर काम बंद किया। विरोध प्रदर्शन में ट्रक चालक भी शामिल थे जिससे सामान ढुलाई प्रभावित हुई। ट्रक चालकों की हड़ताल के कारण पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति प्रभावित होने के भय से शहरों में पेट्रोल पंप के सामने लोगों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं।
छत्तीसगढ़ में बस-ट्रक ड्राइवर्स की हड़ताल का असर पेट्रोल-डीजल सप्लाई पर पड़ा है। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, रायगढ़, जगदलपुर में पेट्रोल पंप पर लोगों की भीड़ लग रही है। सरगुजा जिले में 40 फीसदी और बिलासपुर के कुछ पेट्रोल पंप ड्राई हो चुके हैं।

जगदलपुर में स्कूल बसें चल रही हैं। जिन पेट्रोल पंप में पेट्रोल-डीजल है वहां एंबुलेंस, स्कूल बस, नगर निगम के वाहनों में पर्याप्त पेट्रोल-डीजल दिया जा रहा है। जबकि अन्य वाहनों को कम दिया जा रहा है। बाइक के लिए 1 लीटर निर्धारित कर दिया गया है।

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चंडीगढ़: स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा बुरा असर
चंडीगढ़ स्थित पीजीआई के बाहर खड़ी कई एंबुलेंस पेट्रोल की वजह से काम नहीं कर पा रही हैं। ड्राइवर्स ने कहा, पेट्रोल पंप लंबी लाइनें हैं। इतना पेट्रोल नहीं हमारे पास की चंडीगढ़ से बाहर जा सकें। सुबह से मरीजों के फोन आ रहे है लेकिन क्या करें। सरकार इस मसले का जल्दी हल निकालें। एक 10 साल के बच्चे को पीजीआई से छुट्टी मिली हुई है और उसको जालंधर जाना है लेकिन मजबूर है। बच्चे का पिता बोला की सुबह छुट्टी मिल गई थी लेकिन हम कुछ नहीं कर सकते।

उत्तर प्रदेश: कानून वापसी पर अड़े वाहन चालक
तीन नए क्रिमिनल कानून के विरोध में मैनपुरी के करहल में आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे पर ट्रक ड्राइवरों ने चक्का जाम करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। ड्राइवरों ने दर्जनों ट्रक रोक कर प्रदर्शन किया। करहल में आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे पर कुछ ट्रक ड्राइवरों ने पत्थर फेंके, जिससे लोगों ने अपनी गाड़ियां रोक ली और मौके पर पुलिस बल ने पहुंच कर मामले को कंट्रोल किया।

चंदौली में हिट एंड रन कानून को लेकर डिपो के बाहर सैकड़ों टैंकर खड़े कर दिए गए हैं। सभी चालक नारेबाजी कर रहे हैं। यहां से पूर्वांचल समेत एमपी, छत्तीसगढ़, झारखण्ड, बिहार और ओडिशा पेट्रोलियम जाता है। हालात को देखते हुए पुलिस बल डिपो गेट के सामने तैनात कर दिया गया है। चालकों का कहना है कि कानून वापस होने तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी। यह इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम के डिपो मुग़लसराय में स्थित है।

कानपुर, लखनऊ समेत कई शहरों में पेट्रोल पंप के सामने गाड़ियों की 1 से 2 Km लंबी लाइनें लग गई हैं। मैनपुरी में ट्रक ड्राइवर्स और पुलिसकर्मियों के बीच झड़प हो गई है। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। बचाव में पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।

कानपुर में लोग प्लास्टिक बॉटल में पेट्रोल भरवा रहे हैं। बाइक और कारों में पेट्रोल भरवाने के लिए लोग घंटों से लाइन में लगे हैं, इन्हें डेढ़-दो घंटे बाद पेट्रोल मिल रहा है।

राजस्थान:  ट्रक और ट्रेलर एसोसिएशन के साथ प्राइवेट बस ऑपरेटर्स भी हड़ताल पर 
चक्‍का जाम को रुकवाने के लिए राजस्‍थान के सीएम भजन लाल ट्रक यूनियनों के पदाधिकारियों से बात करेंगे। बताया गया है कि जिला कलेक्टरों के साथ विडियो कांफ्रेंसिंग के माध्‍यम से यह बैठक होगी। प्रदेश में ट्रक और ट्रेलर एसोसिएशन के साथ प्राइवेट बस ऑपरेटर्स भी हड़ताल पर उतर आए हैं।

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हिट एंड रन कानून के खिलाफ राजस्थान में भी प्रदर्शन देखने को मिला। हनुमानगढ़ जिले में भी ट्रक और बस ड्राइवर सड़कों पर उतर आए। उन्होंने हाईवे जामकर इस कानून का विरोध जताया। इसके बाद ड्राइवर जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने सरकार और प्रशासन को कड़ी चेतावनी भी दी। जयपुर समेत सभी बड़े शहरों में फल-सब्जियों, दूध और पेट्रोल की किल्लत शुरू हो गई है, वहीं, सिटी बसों के पहिए भी थम गए हैं। टैक्सी ड्राइवर भी हड़ताल में शामिल हो गए हैं। अजमेर के भिनाय क्षेत्र में उग्र भीड़ ने एक सरकारी वाहन को आग लगा दी और एक निजी होटल में भी तोड़फोड़ कर दी।

मध्य प्रदेश: हाईकोर्ट ने कहा — हड़ताल तुरंत खत्म करवाए सरकार
‘हिट-एंड-रन’ मामलों से संबंधित नये कानून के विरोध में ट्रकों और टैंकरों सहित वाणिज्यिक वाहनों के चालकों ने मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में काम बंद कर दिया। प्रदर्शनकारी चालकों ने मुंबई-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग और इंदौर में कुछ सड़कों को भी अवरुद्ध कर दिया, जिससे आवश्यक वस्तुओं को ले जाने वाली गाड़ियों की आवाजाही प्रभावित हुई।

मध्य प्रदेश के इंदौर में ट्रक ड्राइवरों की हड़ताल का असर पेट्रोल पंप पर भी पड़ा। यहां पेट्रोल पंप पर गाड़ियों की लंबी लंबी लाइनें लग गईं। ट्रक ड्राइवरों की ये हड़ताल तीन दिन तक चल सकती है। जिसकी वजह से ईंधन पेट्रोल पंप तक नहीं पहुंच पाएगा। वहीं, देवास जिले में बस और ट्रक ड्राइवर्स का गुस्सा दिखाई दिया। उन्होंने शहर में 2-3 जगहों पर रास्ते बंद करने के प्रयास किए। पन्ना जिले में बस और ट्रक ड्राइवरों ने नेशनल हाईवे-39 पर चक्काजाम किया। उन्होंने ‘काला कानून वापस लो’ के नारे भी लगाए। हड़ताल के खिलाफ मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में मंगलवार को 2 याचिकाओं पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि हड़ताल तुरंत खत्म करवाकर, परिवहन बहाल करवाए। दो याचिकाओं पर मंगलवार को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने कहा, ‘हड़ताल को तुरंत खत्म करवाया जाए। सरकार परिवहन बहाल करवाए।’ इस पर सरकार की तरफ से महाधिवक्ता ने कहा, ‘आज शाम तक इस मामले में अहम निर्णय लिया जा रहा है।’ ये याचिकाएं नागरिक उपभोक्ता मंच और अखिलेश त्रिपाठी की ओर से दायर की गईं।

मंगलवार को ट्रक-बस ड्राइवर्स की हड़ताल का असर जरूरी सेवाओं पर दिख रहा है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर सहित अन्य जिलों में दूध से लेकर सब्जी और किराना सप्लाई कम हुई। स्कूल-कॉलेज बसें बंद रहने से स्टूडेंट्स और पेरेंट्स परेशान हुए।

बसें नहीं चलने से कई स्कूलों में छुट्‌टी घोषित कर दी गई। कुछ स्कूलों में ऑनलाइन क्लासेस लगी हैं। यात्री बसें बंद होने से लोग परेशान हो रहे हैं।

दिल्ली: हड़ताल को लेकर एकराय नहीं संगठन
हड़ताल में अब तक बड़े ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन शामिल नहीं हुए हैं। इस मुद्दे को लेकर 1:30 बजे देश के अलग-अलग हिस्सों से ट्रांसपोर्ट संगठन के लोग ऑनलाइन बैठक की। इसके बाद दिल्ली चेम्सफोर्ड क्लब में 3:30 बजे प्रेस कांफ्रेंस करके फैसले की जानकारी दी गई। फिलहाल हड़ताल को लेकर के सभी संगठनों में एकराय नहीं है। ऑल इंडिया मोटर एंड गुड्स ट्रांसपोर्ट संगठन ने फिलहाल हड़ताल से किनारा किया है। हालांकि, यह संगठन भी बैठक में शामिल होगा।

बिहार: वैशाली में ड्राइवर्स पर पुलिस ने बंदूकें तानी
बिहार में ट्रक और बस ड्राइवर दूसरे दिन भी हड़ताल पर हैं। राजधानी पटना समेत पूरे बिहार में ट्रक और बस बंद हैं। पटना के कई हिस्सों में ऑटो नहीं चल रहे हैं। कई पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीजल और सीएनजी खत्म होने लगे हैं। पटना के पंप में तो पोस्टर लगाया गया है कि पेट्रोल नहीं है।
बिहार के हाजीपुर में पुलिस और हिट एंड रन कानून का विरोध कर रहे ट्रक ड्राइवर आमने-सामने आ गए। विवाद इतना बढ़ गया कि पुलिस ने विरोध कर रहे लोगों पर बंदूकें तान दीं। इससे ड्राइवर आक्रोशित हो गए और RPF के जवानों पर टूट पड़े। बवाल बढ़ने पर रेल पुलिस के जवान वहां से जान बचाकर भागे।

जम्मू-कश्मीर: 1500 टैंकर हड़ताल पर; 90% पंप खाली
जम्मू-कश्मीर पंप मालिकों की यूनियन ने कहा कि जम्मू में 90 फीसदी पेट्रोल पंप खाली हो गए हैं और अगले कुछ घंटों में सारा स्टॉक खत्म हो जाएगा क्योंकि केंद्र शासित प्रदेश और लद्दाख में ईंधन ले जाने वाले 1,500 टैंकर हड़ताल पर हैं। ऑल जेएंडके पेट्रोल टैंकर ओनर्स एसोसिएशन ने कहा है कि हड़ताल जारी रहेगी और जब तक नए कानून रद्द नहीं किए जाते, ड्राइवर काम पर नहीं लौटेंगे।

तेलंगाना: हैदराबाद में पेट्रोल पंप पर भीड़ को काबू करने पुलिस बुलानी पड़ी

हरियाणा: पंपों में एक हफ्ते का पेट्रोल-डीजल बचा
करनाल में पेट्रोल पंप पर वाहनों की लाइन लगी है। हरियाणा के पेट्रोल पंपों में 7 दिन का ही पेट्रोल-डीजल बचा है। राज्य में 3800 पेट्रोल पंप हैं। निजी ट्रक चालक पानीपत स्थित रिफाइनरी और बहादुरगढ़ स्थित प्लांट से तेल नहीं भरवा रहे हैं। जिन पेट्रोल पंपों के खुद के वाहन हैं, वे ही तेल पहुंचा पा रहे हैं।

पंजाब: 30% पेट्रोल पंप खाली, कुछ में एक दिन का तेल बचा
पंजाब में ट्रक ड्राइवरों की हड़ताल का असर दिखना शुरू हो गया है। प्रदेश के 4100 पंपों में से 30% पंप कल रात ही खाली हो चुके थे। वहीं कई पेट्रोल पंपों पर मात्र एक दिन का तेल बचा है, जो आज शाम तक बिक जाएगा। हड़ताल से आम जरूरी सेवाएं प्रभावित न हो, इसके लिए सरकार व तेल कंपनियां हड़ताल पर बैठे ऑपरेटरों से बातचीत कर रही है।