35 प्रतिशत कामकाजी मांएं एक ही बच्चे से हैं खुश

सचिन श्रीवास्तवशुक्रवार को सामने आए एक सर्वे के मुताबिक, एक तिहाई कामकाजी मांएं एक ही बच्चे को बेहतर परवरिश देना चाहती हैं, वे दूसरा बच्चा नहीं चाहतीं।
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एसौचैम के सामाजिक विकास विभाग का सर्वे
1500 कामकाजी मांओं से की गई बातचीत
10 शहरों (अहमदाबाद, बंगलूरु, चैन्नई, दिल्ली-एनसीआर, हैदराबाद, इंदौर, जयपुर, कोलकाता, लखनऊ और मुंबई) में किया गया अध्ययन
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कॅरियर पर भी खतरा
500 से ज्यादा मांओं ने हिचक के साथ कहा कि एक और मातृत्व अवकाश से प्रमोशन पर पड़ सकता है नकारात्मक असर
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वजहें
– दो बच्चों की परवरिश में लगता है ज्यादा वक्त
– कामकाजी होने के कारण वक्त की कमी
– परवरिश का बढ़ जाता है खर्च
– दो बच्चों में बंट जाता है प्यार
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65 प्रतिशत मांओं ने कहा चाहती हैं दूसरा बच्चा
क्योंकि
वे चाहती हैं कि उनके बच्चे अकेले न रहें और चीजों को बांटने और साझा करने की खुशी महसूस कर सकें

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