संसद के पुराने प्रसंग: धूप में सफेद नहीं किए हैं मैंने अपने बाल

12 जुलाई 2016 को राजस्थान पत्रिका में प्रकाशित

सचिन श्रीवास्तवसदन के गंभीर संसदीय कार्यों के बीच कभी कभार हंसी-मजाक के लम्हें भी आते हैं। यह पल पूर्व सांसदों के जेहन में ताजा रहते हैं। 14वीं लोकसभा के दौरान सदन में आए ऐसे ही कुछ पलों का लुत्फ आप भी लीजिए।

बालों की सफेदी
7 जुलाई 2004 को प्रश्नकाल के दौरान इराक में भारतीय सेना भेजने संबंधी बयान पर तत्कालीन विदेश मंत्री नटवर सिंह ने उत्तर दिया। इससे मध्य प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जो तब सांसद थे, संतुष्ट नहीं हुए। तो सिंह ने कहा, मैं जवाब दे रहा हूं। भाई साहब, मेरे बाल धूप में सफेद नहीं हुए। इस पर चौहान ने चुटकी लेते हुए कहा, मैंने बालों की सफेदी पर प्रश्न नहीं पूछा है।

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मकान नहीं दिया था
7 जुलाई 2004 को सांसद गिरधारी लाल भार्गव ने जयपुर में दिल्ली की तरह मेट्रो रेल के बारे में तत्कालीन रेल मंत्री लाल प्रसाद का ध्यान आकृष्ट कर इसके लिए जल्द सर्वे आदि शुरू करने की बात कही। इस पर लालू प्रसाद ने मजाकिया लहजे में कहा, अध्यक्ष महोदय, मैं इस मामले को देखूंगा, लेकिन जब गिरधारी लाल जी हाउस कमेटी के चेयरमैन थे, तब इन्होंने हमें क्वार्टर नहीं दिया था।

मन को मोह लेते हैं
6 दिसंबर 2004 को अनलॉफुल एक्टीविटीज (प्रिवेंशन) अमेंडमेंट बिल पर चर्चा के दौरान सांसद मोहन सिंह के सवाल का जवाब देते हुए तत्कालीन गृह मंत्री शिवराज पाटील ने उन्हें गलती से ‘श्री मनमोहन सिंह” कह दिया। इस पर सोम दा ने उन्हें याद दिलाया कि वे मोहन सिंह हैं। इस पर पाटिल ने कहा, क्योंकि वे मन को मोह लेने वाले मोहन सिंह जी हैं, इसलिए उन्होंने ऐसा कहा। इस पर सदन में ठहाका गूंज उठा।

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बुलेट पर मत बोलिए
2 दिसंबर 2004 को बुलेट टे्रन पर तत्कालीन रेल राज्य मंत्री आर वेलु पटना के सांसद रामकृपाल यादव के पूरक सवाल का जवाब दे रहे थे। इसी बीच मुंबई के सांसद मोहन रावले ने पूरक सवाल की इजाजत मांगी। तब लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने चुटकी लेते हुए कहा, हम बुलेट ट्रेन के लिए चिंतित हैं। मोहन रावले जी, बुलेट ( बंदूक की गोली) पर कुछ मत पूछिये। इस पर सदन में ठहाका गूंज गया।