80 प्रतिशत शहर हो रहे कमजोर

सचिन श्रीवास्तव
बैंक ऑफ अमरीका मैरिल लिंच की ताजा रिपोर्ट बताती है कि यूं तो शहर, वैश्विक अर्थव्यवस्था की रफ्तार कायम रखने वाले मुख्य स्रोत हैं, लेकिन दुनिया के 80 प्रतिशत शहर कमजोर हो रहे हैं।

55 प्रतिशत लोग दुनिया भर में रहते हैं शहरों में
62
ट्रिलियन डॉलर (4216 लाख अरब रुपए) की कुल अर्थव्यवस्था है दुनिया के सभी शहरों की
82 प्रतिशत है फिलहाल शहरी अर्थव्यवस्था की कुल वैश्विक अर्थव्यवस्था में हिस्सेदारी
115 ट्रिलियन डॉलर (7820 लाख अरब रुपए) की हो जाएगी 2030 तक शहरी अर्थव्यवस्था
———————————-
2030 में बड़े शहर
11 मेटा सिटी यानी 2 करोड़ से ज्यादा आबादी वाले शहर होंगे दुनिया में
41 हो जाएगी मेगा सिटी यानी 1 करोड़ से ज्यादा जनसंख्या वाले शहर
03 भारतीय शहर दिल्ली, मुंबई और कोलकाता शामिल हैं शीर्ष 20 वैश्विक मेगा सिटी में
———————————————–
5 दिक्कतें शहरों की
1- खराब प्रशासन
2- कमजोर संस्थाएं
3- अपर्याप्त बुनियादी ढांचा
4- बढ़ती असमानता
5- आवास और पर्यावरण समस्याएं
—————————————–
3 बड़े शहरी आबादी वाले देश
देश             फिलहाल            2050 में

चीन            75.8 करोड़        100 करोड़   
भारत          41 करोड़           87.5 करोड़
अमरीका     26.3 करोड़      36.5 करोड़

यह भी पढ़ें:  रेडिएशन : तो क्या झूठ बोलती हैं मोबाइल कंपनियां?