20वीं सदी का उत्सव है ईलियट का नैराश्य और शोक

मेरे प्रिय कवियों में लगभग सभी हिंदुस्तानी और उसमें भी हिंदी के कवि ज्यादा हैं। अंग्रेजी साहित्य का मैं बहुत अच्छा विद्यार्थी नहीं हूं, इसके बावजूद मैं ईलियट के पास बार बार जाता हूं। अंग्रेजी पढ़ने की अपनी सीमाओं से जूझते हुए। इसकी वजह क्या होगी, पता नहीं। कई बार तो ऐसा होता है कि मैं अपने अंधेरे को खोजने अपने प्रिय कवि मुक्तिबोध के पास आता हूं और बारास्ता शमशेर, ईलियट तक पहुंच जाता हूं।

20वीं सदी के सर्वश्रेष्ठ कवियों में शुमार ईलियट की द वेस्ट लैंड मन में सुबह से घुमड़ रही थी। इत्तेफाक से दोपहर के पहले हिस्से में भूल गलती का सस्वर पाठ कर रहा था। यह नवीन सागर की नकल का पाठ था। नवीन सागर भूल गलती को जिन आरोह अवरोहों के साथ सुनाते थे, वह अद्भुत था। (करीब 21 साल पहले की वह शाम। अहा।)

तो बात कविता से ही शुरू हुई। दोपहर ढलते-ढलते लव सॉन्ग ऑफ जे अल्फ्रेड प्रूफ्रोक के दो पाठ भी कर लिए थे।

यह भी पढ़ें:  दस्तक संवाद : सोशल मीडिया आभासी दुनिया का एक वास्तविक चेहरा

अगर आप अंग्रेजी साहित्य और खासकर कविता के पाठक हैं, तो द वेस्ट लैंड जरूर पढ़ी होगी। टी एस एलियट की 434 लाइनों की यह कविता बीते करीब 100 साल से कवियों, कविता, साहित्य को प्रभावित कर रही है। आप किसी कवि या पाठक से 20वीं सदी की सबसे महत्वपूर्ण कविताओं की बात करें तो इसका जिक्र जरूर आएगा। अपनी जटिलता के बावजूद द वेस्ट लैंड आकर्षित करती है। व्यंग्य और भविष्य को देखने की जिद के बीच की इस यात्रा में बहुत कुछ ऐसा है, जो चौंकाता है- बार बार। दुनिया का समय, उसके बदलाव, कल्चर, साहित्य का उद्घोष और इनके साथ शोक। एक तरल पदार्थ की तरह सभी तरफ बहता हुआ शोक। बहुत बड़ी रैंज की कविता है यह। एप्रिल इज द क्रूअलेस्ट मंथ, द वेस्ट लैंड की पहली पंक्ति। या फिर आई विल शो यू फियर इन अ हैण्डफुल ऑफ डस्ट। और आखिर में ओम शांति:, शांति:, शांति:। कभी न कभी हमारी बातचीत में यह वाक्य शामिल हो ही जाते हैं। लेकिन क्या सचमुच द वेस्ट लैंड ही ईलियट के कवित्त का शीर्ष है। नहीं। मुझे नहीं लगता।

यह भी पढ़ें:  ।। सभी किस्म की सत्ताओं के नाम ।।

पता नहीं यह मेरे साथ ही है या आपके साथ भी ऐसा है कि ईलियट को पहचान मिली द वेस्ट लैंड से लेकिन मुझे लव सॉन्ग ऑफ जे अल्फ्रेड प्रूफ्रोक ज्यादा पसंद है। शायद मुझसे महज दो पसंदीदा कविताएं पूछी जाएं तो अंधेरे में के साथ मैं लव सॉन्ग ऑफ जे अल्फ्रेड प्रूफ्रोक का ही नाम लूंगा। संभवत: यह 20वीं सदी की सबसे ताकतवर कविता है। दुनिया के हजारों कवियों और कविताओं पर इसका असर निर्विवाद है।

करीब साल भर पहले मेरी अंग्रेजी शिक्षक अर्चना जी से ईलियट पर लंबी बातचीत हुई थी। उसके हिस्से इस लिंक (इलियट की कविताओं के बिंब हर बार नए रूप में सामने आते हैं) पर पढ़ सकते हैं।

फिलहाल ईलियट की कविता लव सॉन्ग ऑफ जे अल्फ्रेड प्रूफ्रोक का पाठ