अमीरी में हम नंबर 7

24 अगस्त 2016 को राजस्थान पत्रिका में प्रकाशित

सचिन श्रीवास्तवएक ताजा अध्ययन के मुताबिक, दुनिया के 10 सबसे अमीर देशों की सूची में भारत सातवें नंबर पर आ गया है। भारत की कुल संपत्ति 5600 बिलियन डॉलर आंकी गई है। अमरीका इस सूची में पहले स्थान पर है। न्यू वर्ल्ड वेल्थ ने जून 2016 के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की है। इसमें नागरिकों की व्यक्तिगत संपत्ति के आधार पर देशों को रैंकिंग दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक भारत की कुल संपत्ति कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और इटली से ज्यादा है, जो क्रमश: आठवें, नौवें और दसवें स्थान पर हैं। अमरीका दुनिया का सबसे अमीर देश है, जिसकी कुल व्यक्तिगत संपत्ति 48 हजार 900 बिलियन डॉलर है। इसके बाद चीन और जापान का नंबर आता है। टॉप टेन में ब्रिटेन, जर्मनी और इटली अन्य देश हैं।

व्यक्तिगत संपत्ति यानी कुल नागरिक संपत्ति
व्यक्तिगत संपत्ति से आशय देश की कुल आबादी की कुल संपत्ति से है। इसमें प्रॉपर्टी, नकद, इक्विटी, व्यापारिक पूंजी आदि शामिल होती है। इसमें से नागरिकों पर जो कर्ज होता है उसे घटा दिया जाता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस संपत्ति में सरकारी फंड को शुमार नहीं किया गया है।

अमीरी का अर्थशास्त्र
अमरीका: दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था 
18.6 ट्रिलियन डॉलर कुल जीडीपी
77.6 प्रतिशत सर्विस सेक्टर
20.8 प्रतिशत इंडस्ट्री
1.6 प्रतिशत कृषि
सबक: 70 और 80 के दशक में माना जाता था कि जापान की अर्थव्यवस्था अमरीका को पीछे छोड़ देगी। यह नहीं हो सका। इसके पीछे जापान की कमजोरियों के अलावा अमरीका की सेवा और औद्योगिक नीतियों में बदलाव बड़ी वजह रहा।

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चीन: दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था 
14 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी
50.5 प्रतिशत सर्विस सेक्टर
40.5 प्रतिशत इंडस्ट्री
9 प्रतिशत कृषि क्षेत्र
सबक: चीन दुनिया का सबसे बड़ा व्यापारिक देश है। यहां प्राइवेट के बजाय सार्वजनिक इंडस्ट्री का दायरा बड़ा है। चीन ने सरकारी और निजी क्षेत्र के बीच गजब का संतुलन बनाया है और यही उसकी बीते चार दशकों की तेज विकास दर की वजह भी है।

जापान: तीसरी बड़़ी अर्थव्यवस्था
05 ट्रिलियन की जीडीपी
69.8 प्रतिशत सर्विस सेक्टर
26.2 प्रतिशत इंडस्ट्री
3.9 प्रतिशत कृषि
सबक: 16 प्रतिशत आबादी गरीबी रेखा से नीचे और 6.6 करोड़ की कामकाजी आबादी जापान की अर्थव्यवस्था के कमजोर पहलू हैं। बीते कुछ समय से जीडीपी विकास दर निगेटिव रही है।

ब्रिटेन: पांचवी बड़़ी अर्थव्यवस्था
2.85 ट्रिलियन की जीडीपी
78.4 प्रतिशत सर्विस सेक्टर
14.6 प्रतिशत उत्पादन
6.4 प्रतिशत कंस्ट्रक्शन
0.6 प्रतिशत कृषि
सबक: हाल ही में यूरोपीयन यूनियन से अलग होने के बाद ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था एक नाजुक दौर से गुजर रही है। पाउंड 31 साल के सबसे निचले स्तर पर है और 2007-10 की आर्थिक मंदी का असर अभी पूरी तरह गया नहीं है।

आबादी के कारण टॉप 10 में
विशेषज्ञों के मुताबिक, दुनिया के 10 अमीर देशों में भारत अपनी अत्याधिक आबादी के कारण शामिल हुआ है। इस सूची में सबसे चौंकाने वाला नाम ऑस्ट्रेलिया का है, जिसकी कुल आबादी महज 2.2 करोड़ है।

चीन की ग्रोथ सबसे ज्यादा
बीते पांच सालों में चीन ने अन्य अमीर देशों के मुकाबले सबसे तेज ग्रोथ की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत और ऑस्ट्रेलिया ने भी मजबूत बढ़त बनाई है। भारत, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा ने बीते 12 महीनों में इटली से ज्यादा संपत्ति अर्जित कर उसे पीछे छोड़ा है।

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आबादी के मुकाबले बेहद कम संपत्ति
भारत की आबादी के मुकाबले यह संपत्ति बेहद कम है। सबसे अमीर 10 देशों में आबादी के लिहाज से भारत दूसरे स्थान पर है वहीं प्रति व्यक्ति संपत्ति के मामले में भारत 4212 डॉलर (2 लाख 82 हजार रुपए) के साथ इस सूची में सबसे निचले पायदान पर है। जबकि 1 करोड़ 37 लाख रुपए प्रति व्यक्ति संपत्ति के लिहाज से ऑस्ट्रेलिया इस मामले में सबसे अव्वल है।

देश संपत्ति प्रति व्यक्ति संपत्ति
अमरीका 3254 हजार अरब रुपए 148182 डॉलर
चीन 1166 हजार अरब रुपए 12700 डॉलर
जापान 1012 हजार अरब रुपए 116153 डॉलर
ब्रिटेन 616 हजार अरब रुपए 139394 डॉलर
जर्मनी 610 हजार अरब रुपए 113750 डॉलर
फ्रांस 442 हजार अरब रुपए 101538 डॉलर
भारत 375 हजार अरब रुपए 4212 डॉलर
कनाडा 315 हजार अरब रुपए 127027 डॉलर
ऑस्ट्रेलिया 302 हजार अरब रुपए 204545 डॉलर
इटली 395 हजार अरब रुपए 72131 डॉलर

7730 लोगों के पास 62 हजार अरब रुपए
भारत के 7,730 सबसे अमीर लोगों के पास कुल 925 अरब डॉलर यानी 62 हजार अरब रुपए की संपत्ति है। यह देश की कुल व्यक्तिगत संपत्ति का 17 प्रतिशत हिस्सा है। यह जानकारी वैश्विक संपत्ति का आकलन करने वाली कंपनी वेल्थ एक्स की रिपोर्ट में सामने आई थी। वेल्थ एक्स के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर बड़े अमीरों की कुल आबादी 1,87,380 है। इनके पास दुनिया की कुल संपत्ति का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा है।