नोबल विजेता का निधन: 8 साल उम्र में करने लगे थे रसायन शास्त्र की प्रयोग

2 सितंबर 2016 के राजस्थान ​पत्रिका में प्रकाशित

सचिन श्रीवास्तव
नोबेल पुरस्कार विजेता रोजर सीन का 64 साल की उम्र में निधन हो गया है। वे सान डियेगो की यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के प्रोफेसर थे। विवि ने 31 अगस्त को बताया कि सीन का निधन 24 अगस्त को ओरेगोन के यूजीन में हुआ।

रोजर सीन
जन्म: 1 फरवरी 1952
8 साल की आयु में शुरू किए रसायनशास्त्र के प्रयोग। हार्वर्ड और कैम्ब्रिज से ली स्नातक की डिग्री। 2008 में फ्लोरोसेंट मार्कर विकसित करने के लिए कोलंबिया यूनिवर्सिटी के मार्टिन चैल्फी और बोस्टन यूनिवर्सिटी के ओसामु शिमोमुरा के साथ कैमिस्ट्री का नोबल मिला।

कैंसर के इलाज में बढ़ी खोज
2008 में रोजर को अपने दो अन्य साथियों के साथ नोबल मिला था। यह पुरस्कार उन्हें फ्लोरोसेंट मार्कर विकसित करने के लिए मिला था। जेलीफिश से हासिल यह हरे फ्लोरोसेंट प्रोटीन मस्तिष्क की कोशिकाओं से लेकर बैक्टीरिया के संपर्क में आने पर चमक उठते हैं। इस तरह ये फ्लोरोसेंट मार्कर कैंसर कोशिकाओं का पता लगा सकते हैं और मस्तिष्क में एल्जाइमर रोग के बढऩे का पता भी लगाते हैं। इसके बाद कैंसर के खिलाफ बढ़ी कामयाबी मिली थी।

“रोजर अद्भुत व्यक्ति थे। वे दुर्लभ प्रतिभा वाले थे जिनकी जगह कोई नहीं ले सकता है।
प्रदीप खोसला, चांसलर, यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया

27 साल तक अध्यापन
सीन ने सान डियेगो स्कूल ऑफ मेडिसीन में 27 साल तक पढ़ाया। वे यहां औषधिशास्त्र, रसायनशास्त्र और जैव रसायन के प्रोफेसर रहे।

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अस्थमा के कारण विज्ञान में महारत
सीन बचपन में ही अस्थमा का शिकार हो गए थे। नतीजतन वे ज्यादातर वक्त घर पर ही रहते थे। इस दौरान वे कई-कई घंटों तक घर के तहखाने में स्थित अपनी लैब में कैमिस्ट्री से संबंधित प्रयोग करते रहते थे। जब वे 16 साल के थे तब उन्होंने राष्ट्रीय वेस्टिंगहाउस टेलैंट सर्च में पहला पुरस्कार जीता।

विलक्षण प्रतिभा 
सीन ने एक राष्ट्रीय मेरिट स्कॉलरशिप के तहत हार्वर्ड कॉलेज में दाखिला लिया। यहां वे प्रतिष्ठित फी बेटा कप्पा सोसाइटी में एक जूनियर के तौर पर चयनित किए गए। उन्होंने 1972 में  बेहतरीन अंकों के साथ बैचलर डिग्री हासिल की। कॉलेज के शुरुआती साथी और

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अर्थशास्त्री व आयोवा के राजनीतिक हरमन क्यूरिम्बेच के मुताबिक, “यह कहना शायद अतिश्योक्ति नहीं होगी कि मैं अपनी जिंदगी में जितने लोगों से मिला, उनमें रोजर सबसे विलक्षण थे। और मैं अपनी जिंदगी में कई विलक्षण लोगों से मिला हूं।”