एनपी नारवेकर: 24 सौ अरब रुपए के यूनिवर्सिटी कोष का प्रबंधन संभालेंगे

3 अक्टूबर 2016 को राजस्थान पत्रिका में प्रकाशित

सचिन श्रीवास्तव 
भारतीय मूल के निवेश विशेषज्ञ एन पी नारवेकर को हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने अपने कोष की देखरेख का जिम्मा सौंपा है। वे हार्वर्ड के 36 अरब डॉलर (2412 अरब रुपए) के कोष का प्रबंधन करने वाली कंपनी हार्वर्ड मैनेजमेंट कंपनी (एचएमसी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किए गए हैं। एचएमसी ने 54 साल के एन पी नारवेकर की नियुक्ति की पुष्टि की है। हार्वर्ड में नारवेकर का कार्यकाल दिसंबर से शुरू होगा।

मुश्किल वक्त में मिली जिम्मेदारी
हार्वर्ड विश्वविद्यालय की संपत्तियों और उसके कोष का प्रबंधन करने वाला यह तंत्र अपनी तरह का अनूठा और सबसे बड़ा कोष है। जून 2016 में खत्म हुए वित्त वर्ष में हार्वर्ड को उसके निवेशों में दो प्रतिशत का नुकसान हुआ है। यह 2009 के बाद से सबसे बड़ा नुकसान है। नारवेकर से पहले स्टीफन ब्लिथ एचएमसी के प्रमुख थे। 18 महीने तक पद पर रहने के बाद उन्होंने जुलाई में इस्तीफा दे दिया था।

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अभी संभालते थे 644 अरब रुपए का कोष 
पेन्सिलवेनिया यूनिवर्सिटी के वार्टन स्कूल से स्नातक करने वाले नारवेकर एचएमसी के चौथे सीईओ हैं। नारवेकर इससे पहले कोलंबिया विश्वविद्यालय की इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट कंपनी (आईएमसी) के सीईओ थे। वे 2002 के बाद से कोलंबिया विश्वविद्यालय के 9.6 अरब डॉलर (644 अरब रुपए) के कोष का प्रबंधन करते थे।

10.1 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की गई नारवेकर के कार्यकाल में कोलंबिया विवि के कोष की।
7.6 प्रतिशत थी बीते 10 साल में हार्वर्ड के निवेश की ग्रोथ। इस साल महज 5.7 प्रतिशत रही।